झालावाड़/चौमहला(आबिद मंसूरी
झालावाड़ जिले के चौमहला कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) को अपनी स्थापना के 38 सालों बाद आखिरकार
भूमि का स्वामित्व अधिकार मिल गया है। बस स्टैंड के पास स्थित यह अस्पताल भवन अब तक निजी खातेदारी भूमि पर संचालित हो रहा था।
जानकारी के अनुसार साल 1988 में तत्कालीन प्रधान स्वर्गीय करण सिंह परमार ने अस्पताल निर्माण के लिए 6 बिस्वा भूमि दान की थी। हालांकि उनके निधन के कारण भूमि की विधिवत रजिस्ट्री नहीं हो पाई थी। बाद में साल 2006 में उनके बेटे डूंगर सिंह परमार ने अपने पिता की स्मृति में अस्पताल के विस्तार के लिए 12 बिस्वा अतिरिक्त भूमि दान की। दान के समय यह शर्त रखी गई थी कि दानदाताओं के पिता के नाम की एक शिलालेख पट्टिका लगाई जाएगी। इस संबंध में एक लिखित अनुबंध भी हुआ था, लेकिन खेदजनक है कि यह शिलालेख आज तक नहीं लगाया जा सका है। गुरुवार को तहसीलदार गणेश खंगार की समझाइश के बाद डूंगर सिंह परमार, उनके परिजनों और बहनों ने आपसी सहमति से कुल 18 बिस्वा भूमि की विधिवत रजिस्ट्री करवाई। इसके उपरांत यह भूमि ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार बघेला को सम्मानपूर्वक सुपुर्द कर दी गई। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के साथ ही अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौमहला (CHC) भवन को आधिकारिक रूप से स्वामित्व अधिकार प्राप्त हो गया है। इससे भविष्य में अस्पताल के विकास और विस्तार के लिए नए मार्ग प्रशस्त होंगे।











